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ग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर कैसा होगा और किस अचूक उपाय से वह ग्रहण के कुप्रभाव से बच सकते हैं |



चंद्र ग्रहण | सबसे लंबे चंद्र ग्रहण | 27 जुलाई | ग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर कैसा होगा?

नई दिल्ली: Chandra Grahan: 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को पड़ रहा है. ये चंद्र ग्रहण लगभग 1 घंटे 43 मिनट तक रहेगा. यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा और इसे बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकेगा. पूर्ण चंद्र ग्रहण (chandra grahan 2018) की शुरुआत भारतीय समय के मुताबिक 27 जुलाई को रात 11 बजकर 54 मिनट 02 दो सेकेंड पर होगी. चंद्र ग्रहण 28 जुलाई को सुबह 3:49 बजे समाप्त होगा. इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा लाल रंग का दिखेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है. जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा के दौरान चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है और चंद्रमा धरती की छाया से छिप जाता है. इस स्थिति में जब हम धरती से चांद को देखते हैं तो वह भाग हमें काला दिखाई पड़ता है. इसी वजह से इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है.



सबसे लंबे चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) के पीछे क्या है वजह
इस बार चंंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी के बिल्कुल केंद्र से उत्तर से होकर गुजरेगा. ये स्थिति 1 घंटे 2 मिनट की होगी, इसी कारण इस बार ग्रहण लंबा होगा. साथ ही इस बार ल्यूनर एपोजी (पृथ्वी से सबसे दूरी पर स्थित चंद्रमा का आर्बिटल पॉइंट जिससे यह बहुत छोटा और दूर नजर आता है) भी है. यानि 27 जुलाई को चंद्रमा और धरती के बीच की दूरी सबसे ज्यादा होगी. यही कारण है कि ये चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा.

क्यों लाल दिखाई देता है चंद्रमा 
आप सोच रहे होंगे कि चंद्र ग्रहण पर चंद्रमा लाल क्यों दिखाई देता है, दरअसल चंद्रग्रहण के समय जब सूरज और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो सूरज की किरण रुक जाती है. पृथ्वी के वातावरण की वजह से रोशनी मुड़कर चांद पर पड़ती है और इसी कारण चंद्रमा लाल नजर आता है. आपको बता दें कि जब पूर्ण चंद्रग्रहण होता है तभी ब्लड मून होता है.


27 जुलाई 2018 आषाढ़ शुक्लपक्ष पूर्णिमा के दिन खण्डग्रास चंद्रग्रहण है। चंद्रग्रहण 27 जुलाई 2018 रात से शुरू होकर 28 जुलाई 2018 को 3 बजकर 59 तक चलेगा। भारत सहित पूरे एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रोलिया, अफ्रिका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, हिन्द तथा अटलांटिक महासागर में अलग-अलग रूपों में दिखाई देगा। 
चंद्र ग्रहण की अवधि 2 घंटे 55 मिनट की होगी।
ग्रहण स्पर्श- 22:54 मिनट से 27 जुलाई 2018
खण्डग्रास प्रारंभ - 01:00 बजे 28 जुलाई 2018

 ग्रहण मध्य - 01:52 मिनट 28 जुलाई 2018
खण्डग्रास समाप्त - 02:43 मिनट पर 28 जुलाई 2018 
ग्रहण समाप्त - 03:49 मिनट पर 28 जुलाई 2018
सर्वप्रथम संक्षेप में ग्रहण घटित होने वाले काल पर चर्चा करते हैं और समझते हैं कि इसका क्या प्रभाव होगा।
ग्रहण का मास फल - ग्रहण आषाढ़ मास में घटित होने के कारण नदियों में जल का प्रवाह कम होगा। झील तालाब का स्तर कम होगा। कश्मीर, अफगानिस्तान एवं चीन आदि में राजनीतिक संकट के साथ-साथ जन हानि एवं खण्ड वर्षा के संकेत हैं।
ग्रहण का वार फल - कपास से बने वस्त्र, कपास, चांदी, मोती, चीनी, घी चने आदि में तेजी की संभावना है। विश्व में कलाकार प्रसन्न रहेंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन विशेष होगा
ग्रहण का नक्षत्र फल 
ग्रहण उत्तराषाढ़ा एवं श्रवण नक्षत्र में घटित होने वाला है। इन नक्षत्रों के स्वामी क्रमशः सूर्य एवं चन्द्र हैं इसलिए नियमित कार्य करने वाले, पांडित्य का कार्य करने वाले व्यक्ति, प्रशानिक अधिकारी, चिकित्सक, तरल पदार्थ के काम करने वाले व्यक्ति तथा सरकार को हानि होने की संभावना है।


ग्रहण का योग फल
ग्रहण प्रीति योग में घटित हो रहा है। परिवारवालों व मित्रों में तालमेल की कमी होगी। मंत्रीमंडल में भी आपसी तालमेल की कमी नजर आ सकती है।
ग्रहण का राशि फल

ग्रहण मकर राशि में घटित हो रहा है। शारीरिक क्षमता से काम करने वाले मजदूर, किसान, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी, औषधी से संबंधित कार्य करने वाले, मंत्रादि पाठ करने वाले, कर्मकाण्ड करने वाले तथा मछली या जलीय जीव या वस्तुओं के कार्य करने वाले को हानि होने की संभावना है।

ग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर कैसा होगा और किस अचूक उपाय से वह ग्रहण के कुप्रभाव से बच सकते हैं 
मेष राशि
मेष राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से चौथी राशि है । यहों अपने माता का ध्यान रखना चाहिए, किसी भी तरह के भूमि, भवन व वाहन का क्रय करते समय विशेष सावधानी रखें । सामान्य सुख में कमी महसूस करेंगे ।
उपाय
गुरु की अराधना करें आपके द्वारा लिया गया निर्णय सही होगा और आप कुप्रभाव से बच सकते है।
वृष राशि
वृष राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से पांचवी राशि है । संतान को परेशानी हो सकती है साथ ही उच्च शिक्षा के लिए उत्सुक युवाओं को भी बाधा आने की संभावना है । किसी विशेष कार्य का निरस्त हो जाना संभव है ।
उपाय
गणेश जी की पूजा अर्चना करने से आने वाले विघ्न बाधाओं से बचा जा सकता है ।
मिथुन राशि
मिथुन राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से छठी राशि है। शत्रुओं पर अंकुश लगेगा। कार्य क्षेत्र में तरक्की एवं विवादित मुकदमों में विजय के संकेत हैं। 
उपाय
विष्णु की अराधना करनी चाहिए। सौभाग्य की प्राप्ति होगी ।
कर्क राशि
कर्क राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से सातवीं राशि है । पति/पत्नी के तालमेल में कमी । व्यवसायिक पार्टनर के साथ मनमुटाव एवं यात्रा से कष्ट संभव है ।
उपाय
शिव की अराधना करनी चाहिए। ज्ञान की प्राप्ति होगी।
सिंह राशि
सिंह राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से आठवीं राशि है। मन में व्यथा व्याप्त हो। पुराने रोगों से परेशानी बढ़े। आचानक चोट-चपेट आदि से परेशानी हो।
उपाय
हनुमान की अराधना करनी चाहिए। संकट दूर होंगे।
कन्या राशि
कन्या राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से नौवीं राशि है। मान-सम्मान का खतरा हो सकता है। मन धार्मिक कार्यों से विमुख होगा। पिता को परेशानी संभव है।
उपाय
माता की आराधना करनी चाहिए । सभी बाधाएं दूर होंगी।


तुला राशि
तुला राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से दसवी राशि है। किसी विशेष कार्य के सफल होने से प्रसन्नता कार्य क्षेत्र में तरक्की। नए कार्य को प्रारंभ करने से लाभ मिलेगा ।
उपाय
गणेश जी की अराधना करनी चाहिए । सफलताएं मिलती रहेगी।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से ग्यारहवी राशि है । पद पदोन्नति, धन का लाभ, मित्रों का अनुग्रह, अनुभवी लोगों का साथ मिलेगा ।
उपाय
श्री कृष्ण का भजन करें।
धनु राशि
धनु राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से बारहवीं राशि है । स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए । किसी भी तरह के शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़े । खर्च की अधिकता से मन परेशान हो।
उपाय
शिव की भक्ति अनिवार्य रूप से करनी चाहिए।
मकर राशि
मकर राशि में ही ग्रहण घटित होने के कारण विशेष सावधानी की जरूरत है । शारीरिक कष्ट, चोट-चपेट, आर्थिक हानि, मन में व्यथा आदि से परेशानी संभव है ।
उपाय
महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से लाभ होगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से दूसरी राशि है।  परिवार से मतभेद, धन की हानि आदि होने की संभावना है ।
उपाय
महालक्ष्मी के मंत्रों का जप आदि करना चाहिए ।


मीन राशि
मीन राशि ग्रहण घटित होने वाली राशि से तीसरी राशि है।  मित्रों का सहयोग, पराक्रम की वृद्धि, क्रीडा पसंद युवकों को आगे बढ़ने का मौका एवं विजय की प्राप्ति होगी।
उपाय
गणेश जी के मंत्रों का जप आदि करना चाहिए ।