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तकनीक की दुनिया से कुछ चौकाने वाले तथ्य | पहले इंटरनेट आया की ईमेल ? नासा को हैक किया था 16 वर्ष के बच्चे ने !

1.पहले इंटरनेट आया की ईमेल ?

बचपन में आपसे किसी न किसी ने तो जरूर पूछा होगा की "बताओ पहले मुर्गी आया की  अंडा ?" इस सवाल का जवाब अभी तक मैं नहीं ढूंढ पाया । क्या आपको पता है इस सवाल का जवाब ? अगर जानते हैं तो प्लीज कमेंट बॉक्स में लिख दीजिये पूरा-पूरा जवाब ।





खैर अब बात करते हैं इंटरनेट से जुड़े कुछ facts  की , "क्या आपको पता है की इंटरनेट से पहले ही ईमेल आ गया था ?"


सुनने में थोड़ा या फिर एकदम अजीब लग रहा होगा । और आप  सोच रहे होंगे की "ऐसा कैसे हो सकता है?" क्योंकि ईमेल तो इंटरनेट से ही भेजा जाता है तो ये कैसे हो सकता है की ईमेल इंटरनेट से पहले आ जाये ? तो चलिए आज जानते है की कौन पहले आया "मुर्गी" या "अंडा" मेरा मतलब इंटरनेट या फिर ईमेल ।
 एक 9184  की इंट्रेस्टिंग क्लिप है जो देखने को मिल जाती है इंटरनेट पे। जिसमे  एक टीवी शो हुआ करता था। जिसका नाम था  "डाटा बेस" , वहां पर जो होस्ट है जो बता रहें है की पहले "कैसे ईमेल भेजा जाता था ?"
 पहले उन पुराने दिनों में ,एक rotatory फ़ोन हुआ करता था ।आपको पता है उसमे घुमा घुमा के नंबर मिलाते थे । 776  करके एक नंबर हुआ करता था और एक सर्विस से कनेक्ट करते थे जिसक नाम था "Micronet"। और "Micronet " WWW  यानि की वर्ल्ड वाइड वेब से बहुत पहले ही आ गयी थी । और उसको भेजने के लिए बहुत बार rotatory फ़ोन से कनेक्ट करना पड़ता था उसके बाद ईमेल टाइप करके या कैसे भी करके उसे भेजा जाता था मैसेज sent किये जाते थे । उस वक़्त इंटरनेट भी नहीं आया था । तो इस तरह इंटरनेट से पुराना है ईमेल । अब तो आपको समझ आ ही गया होगा ।


2.क्या आपने कभी सोचा है की आपके keyboard में ABCD ...  सब लाइन वाइज क्यों नहीं होते ? क्यों सारे बटन इधर उधर बिखड़े पडे हैं ? QWERTY ..क्यों होता है ?


खैर इसकी थ्योरी ये भी है की इसको बनाने वाले का नाम QWERTY ही था । लेकिन एक बात जान कर आपको हैरानी होगी की keyboard  में alphbates सीरियल वाइज इसलिए नहीं लगाए गए क्योंकि वो आपको slow करना चाहते थे । आपको मतलब आपकी टाइपिंग को


Keyboard एक टाइपिस्ट को स्लो करने के लिए बनाया गया था ताकि वो स्लो टाइप करे । ध्यान दे की कंप्यूटर में उन जमाने में अगर बहुत फ़ास्ट टाइप करता था तो कंप्यूटर हैंग हो जाता था । उसी से बचने के लिए सारे बटन को इधर उधर सेट कर दिए गए ताकि टाइपिस्ट स्लो टाइप करे और कंप्यूटर हैंग होने से बच जाये ।
दूसरी थ्योरी ये बोलती है की ये QWERTY Keyboard  "Morse कोड" देने के लिए जाएदा suitable होते हैं । इसीलिए इसे ऐसा बनाया जाता है ।



लेकिन दोनों ही केस में कोई एशिया रूल नहीं बनता की इसे ऐसे ही रखा जाये । फिर भी ये आश्चर्य  की बात की सुरु से लेके आज तक हम QWERTY Keyboard ही उसे कर रहे हैं

3.फ्री domains before 1995 ?

आपने websites के to  नाम सुने hi  होंगे www.divygyan.com ,www.amazon.com etc . ये सारे Domains 1995  तक  बिलकुल फ्री थे । इसका मतलब अगर आपने 1995 या उसके पहले तक कंप्यूटर अगर कंप्यूटर चलाया होता हालाँकि उस समय कंप्यूटर उतना फेमस नहीं था ।


बहुत काम ऐसे लोग  थे जिनके पास कंप्यूटर था । तो आपको सारे domains फ्री में मिल जाते जाते । लेकिन बाद में फिर इसके लिए चार्ज लगा दिया गया 100$ का जिसमे से 30% फीस  जाती थी इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए ।  उस समय इंटरनेट उतना आगे नहीं बढ़ी थी इसलिए fee लेके अपने आप को इम्प्रूव करने में लगी थी ।
उस समय "Network Solution " की एक कंपनी हुआ करती थी उसको परमिशन मिला हुआ था की आप आधिकारिक तौर पे domains प्रोवाइड करा सकते हैं या फिर बेच सकते हैं । उसके बाद 100  $ की फीस को कम करके 70 $ कर दी गयी । तो जो चीज आपको पहले फ्री में मिल जाती थी उसके लिए अब चार्ज देना पड़ता है । हम बात कर रहे है .com   ,  .in   ना  की वो सब सस्ते scam फ़ैलाने वाले .tk जैसे domains ki


4. Wikipedia कैसे काम करता है ?

Wikipedia एक फ्री वेबसाइट है जिसका मकसद ये है की वो सबको फ्री में information  प्रोवाइड कर सके जिनके पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है। वहां पर कोई भी signup कर सकता है और pages को edit  कर सकता है ।


 तो वहां पर एक परेशनी आती है की कोई भी Signup करके कुछ भी गलत information  डाल सकता है । जो की सही नहीं है । इसको टैकल करने के लिए बहुत सारे ऑथॉरिज़ेड users हैं । लेकिन जायदातर 2000 बोट्स काम करते हैं । उनका काम यही है अगर कोई भी सस्पीशियस एक्टिविटी देखि जाये या फिर information में छेड़ खानी की जाये तो वो उसे वापस से रिवर्ट कर देते हैं । ताकि गलत चीज न हो सके । तो इस तरह गलत information से बचा जाता है । नहीं तो विकिपीडिया पे कोई भी Signup करके edit कर सकता है तो कोई भी कुछ भी गलत सलत लिख सकता है न कोई  कुछ भी लिख सकता है । for  example :
विराट कोहली को देश का P .M  भी बनाया जा सकता है और मोदी जी को क्रिकटर्स भी । ये क्यों नहीं होता क्यों की वहां पे बोट्स काम कर रहे हैं । लगातार 2000 बोट्स काम कर रहें हैं ।

5 . 1999 में नासा को हैक किया था 16  वर्ष के बच्चे ने  ।




जोनाथन जेम्स नाम के 16 वर्ष के के टीनएज बच्चे ने 1999  में नासा को हैक कर लिया और वहाँ से 3000 username और पासवर्ड निकल लिए सिर्फ अपने एक छोटे से कंप्यूटर की मदत से । 3 हफ़्तों तक NASA  के सभी कम्प्यूटर्स को बंद रखा गया उस प्रॉब्लम  को solve करने के लिए । जितने भी कोड्स ,स्क्रिप्ट्स और भी बहुत सारे useful डाटा को उसने अपने छोटे  से कम्प्यूटर्स से निकाल लिए थे ।